सबके लिए समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
शिक्षा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होती है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत, आधुनिक, जवाबदेह एवं पूर्णतः समतामूलक बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। हमारा उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था स्थापित करना है, जहाँ श्रमिक, किसान, गरीब, मध्यमवर्गीय एवं संपन्न परिवारों के बच्चों को समान स्तर की उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त हो सके।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का संकल्प
शिक्षा क्षेत्र में विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए शिक्षकों के दायित्व, गुणवत्ता एवं जवाबदेही के लिए स्पष्ट नीति निर्धारित की जाएगी, ताकि सरकारी विद्यालयों में भी उच्चस्तरीय एवं आधुनिक शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके। शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार बनाया जाएगा।
शिक्षकों से केवल शैक्षणिक कार्य
शिक्षकों से केवल वही कार्य लिया जाएगा, जिसके लिए वे नियुक्त किए गए हैं — अर्थात विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना। उनसे जनगणना, पोलियो अभियान, सर्वेक्षण तथा अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं कराए जाएंगे, ताकि वे पूर्ण समर्पण एवं एकाग्रता के साथ विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अपना योगदान दे सकें। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक एवं अमूलचूल परिवर्तन लाया जा सकेगा।
सरकारी विद्यालयों को आधुनिक बनाना
सरकारी विद्यालयों को आधुनिक संसाधनों, डिजिटल तकनीक, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, खेल सुविधाओं एवं उच्चस्तरीय शिक्षण व्यवस्था से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि वे देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में स्थापित हो सकें। हमारा लक्ष्य सरकारी विद्यालयों को “मॉडर्न स्कूल” के रूप में विकसित करना होगा, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में फैले व्यापारीकरण एवं शिक्षा माफियाओं की पकड़ को समाप्त किया जा सके।
शिक्षा के व्यापारीकरण पर नियंत्रण
निजी शिक्षा संस्थानों में बढ़ते व्यापारीकरण एवं शिक्षा माफियाओं पर कठोर नियंत्रण स्थापित किया जाएगा। शिक्षा को व्यापार नहीं बल्कि समाज एवं राष्ट्र निर्माण का माध्यम माना जाएगा। प्रत्येक बच्चे को उसकी आर्थिक स्थिति से ऊपर उठकर समान एवं सुलभ शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।
नेता एवं अधिकारियों के बच्चों के लिए सरकारी शिक्षा अनिवार्य
व्यवस्था में वास्तविक एवं क्रांतिकारी परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए नेता, मंत्री, अधिकारी एवं शासन-प्रशासन से जुड़े सभी वर्गों के बच्चों के लिए सरकारी विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त करना अनिवार्य किया जाएगा। जब नीति निर्धारकों एवं प्रशासनिक वर्ग के बच्चे स्वयं सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे, तभी शिक्षा व्यवस्था को उत्कृष्ट, जवाबदेह एवं आधुनिक बनाने की वास्तविक इच्छाशक्ति विकसित होगी।
समान शिक्षा — समान अवसर
अमीर और गरीब के बीच शिक्षा आधारित भेदभाव समाप्त कर सभी वर्गों के बच्चों को एक समान शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत लाया जाएगा, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्रा को समान अवसर प्राप्त हो सके और वह अपनी प्रतिभा के अनुसार आगे बढ़ सके।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विशेष सहयोग
प्रत्येक प्रतिभाशाली छात्र-छात्रा — चाहे वह IIT, मेडिकल, रिसर्च या किसी अन्य उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा हो — को विशेष सहायता, छात्रवृत्ति एवं संसाधन प्रदान किए जाएंगे, यदि वह देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपना योगदान देना चाहता है। आर्थिक स्थिति चाहे अमीर की हो या गरीब की, सभी को समता एवं योग्यता के आधार पर सहयोग प्रदान कर आगे बढ़ाना सरकार का दायित्व होगा।

