एबीएसपी देगी सबको न्याय
जब देश के हर नौजवान को
उसके कार्य कौशल,
मेहनत,
योग्यता
और योगदान के आधार पर
सम्मानजनक अवसर और उचित पारिश्रमिक प्राप्त होगा—
तभी वास्तविक न्याय स्थापित माना जाएगा।
अन्यथा,
सिर्फ भाषणों,
वादों
और नारों से
न्याय की बात करना
मेहनतकश युवाओं और श्रमिकों के साथ अन्याय ही होगा।
“अखिल भारतीय श्रमिक पार्टी”
एक ऐसे भारत के निर्माण के लिये प्रतिबद्ध है
जहाँ—
- मेहनत का सम्मान हो
- युवाओं को अवसर मिले
- श्रमिकों को सुरक्षा मिले
- किसानों को आर्थिक मजबूती मिले
- और हर नागरिक को समान अधिकार एवं सम्मान प्राप्त हो
हमारी प्रतिबद्धता
“अखिल भारतीय श्रमिक पार्टी”
विशेष रूप से इस बात के लिये कटिबद्ध है कि—
- देश के असंगठित श्रमिकों को
संगठित श्रमिकों की श्रेणी में लाने हेतु
ठोस कानूनी और नीतिगत प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। - शिक्षित बेरोज़गार युवाओं को
उनके कौशल और योग्यता के अनुसार
रोजगार एवं सम्मानजनक अवसर प्रदान किये जाएँ। - श्रमिकों,
किसानों,
मेहनतकश युवाओं
और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को
सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
हम स्पष्ट रूप से मानते हैं कि—
जो लोग देश चलाते हैं,
उन्हें असुरक्षा में नहीं,
सम्मान और अधिकारों के साथ जीने का अधिकार होना चाहिए।
सरकार में हमारी पहली प्रतिबद्धता
“अखिल भारतीय श्रमिक पार्टी”
यह स्पष्ट संकल्प लेती है कि—
मेहनतकश श्रमजीवियों की सरकार बनने पर
सर्वप्रथम अध्यादेश जारी कर
असंगठित श्रमिकों को संगठित श्रेणी में लाने,
शिक्षित बेरोज़गार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने,
और श्रमिक सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
क्योंकि—
राष्ट्र की वास्तविक शक्ति
उसके मेहनतकश नागरिक होते हैं,
और उनका सम्मान ही राष्ट्र की मजबूती का आधार है।
कैसे मिलेगा सबको न्याय…?
न्याय केवल मांगने से नहीं मिलता—
उसके लिये जागरूकता,
एकजुटता
और संघर्ष आवश्यक होता है।
देश के हर नौजवान को
यह समझना होगा कि:
- क्या वर्तमान व्यवस्था ने वास्तव में युवाओं को प्राथमिकता दी?
- क्या बेरोज़गारी कम हुई?
- क्या शिक्षा और कौशल के अनुसार अवसर मिले?
- क्या मेहनतकश युवाओं को सम्मानजनक भविष्य मिला?
यदि वर्षों बाद भी
करोड़ों युवा अवसर,
सुरक्षा
और प्रतिनिधित्व से दूर हैं,
तो आत्ममंथन आवश्यक है।
युवाओं को यह तय करना होगा कि—
क्या राजनीति सिर्फ सत्ता के लिये होगी…
या देश के भविष्य और मेहनतकश समाज के लिये भी?
हमारा आह्वान
अब समय आ गया है कि—
देश का युवा,
श्रमिक,
किसान,
छात्र
और हर जागरूक नागरिक
एकजुट होकर
असमानता,
बेरोज़गारी
और जन-विरोधी नीतियों के विरुद्ध
लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करे।
क्योंकि—
जब युवा जागता है,
तभी राष्ट्र बदलता है।

