सबके लिए सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा
स्वास्थ्य किसी भी राष्ट्र की मूलभूत आवश्यकता एवं सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसलिए चिकित्सा क्षेत्र को मजबूत, सुलभ, आधुनिक एवं पूर्णतः जनकल्याणकारी बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल होगा। हमारा उद्देश्य ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था स्थापित करना है, जहाँ श्रमिकों, किसानों, गरीबों एवं आमजन को समय पर, निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सके।
स्थानीय स्तर पर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा
चिकित्सा क्षेत्र में विशेष ध्यान देते हुए वार्ड, ब्लॉक एवं ग्रामीण क्षेत्रीय स्तर पर क्षेत्रीय दवाखानों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की जाएगी, ताकि श्रमिकों, किसानों एवं आमजन को उनके अपने क्षेत्र में ही निःशुल्क प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। यह सरकार का मूल दायित्व होगा कि प्रत्येक नागरिक को समय पर प्राथमिक उपचार प्राप्त हो और छोटी बीमारियाँ गंभीर रूप न ले सकें।
जच्चा-बच्चा एवं ग्रामीण स्वास्थ्य सुरक्षा
गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। जच्चा-बच्चा देखभाल, पोषण, टीकाकरण एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में भी सुरक्षित एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों का निर्माण
देशभर में आधुनिक सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि गंभीर एवं जटिल बीमारियों का उपचार आम नागरिकों को सरकारी स्तर पर ही उपलब्ध कराया जा सके। इससे लोगों को महंगे निजी अस्पतालों एवं निजी चिकित्सा व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
जवाबदेही एवं दायित्व निर्धारण
चिकित्सा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के दायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित किए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही, भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं पर कठोर नियंत्रण स्थापित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक नागरिक को पारदर्शी, जिम्मेदार एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सके। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, अनुशासित एवं जनहितकारी बनाया जाएगा।
चिकित्सा माफियाओं एवं निजी बीमा शोषण पर नियंत्रण
ऐसी योजनाओं एवं व्यवस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित किया जाएगा, जिनके माध्यम से जनता के टैक्स का पैसा चिकित्सा माफियाओं एवं निजी बीमा कंपनियों के खातों में पहुंचता है। स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापार नहीं बल्कि जनसेवा का माध्यम बनाया जाएगा, ताकि सरकारी संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुंच सके।
समान चिकित्सा — सभी का अधिकार
स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समता के सिद्धांत के अनुरूप समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक सरलता एवं सुगमता से पहुंचाया जाएगा। अमीर और गरीब के बीच चिकित्सा आधारित भेदभाव समाप्त कर ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जहाँ प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार प्राप्त करने का अधिकार हो। सरकार का यह दायित्व होगा कि देश का कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे।

