“पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन संवर्धन”
स्वच्छ पर्यावरण – सुरक्षित भविष्य, समृद्ध भारत की पहचान
अखिल भारतीय श्रमिक पार्टी (एबीएसपी) पर्यावरण संरक्षण को केवल एक सरकारी विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व एवं जन-आंदोलन का विषय मानती है। हम पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
पर्यावरण उन सभी प्राकृतिक तत्वों का समुच्चय है जो पृथ्वी पर जीवन को संभव बनाते हैं। जल, वायु, सूर्य का प्रकाश, भूमि, वन, पशु-पक्षी, वनस्पतियाँ तथा अन्य प्राकृतिक संसाधन हमारे अस्तित्व का आधार हैं। पृथ्वी को जीवन के लिए उपयुक्त बनाने में इन सभी तत्वों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए पर्यावरण की सुरक्षा केवल एक आवश्यकता नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं राष्ट्रीय दायित्व है।
आज प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट तथा प्राकृतिक संसाधनों के अनियंत्रित दोहन जैसी चुनौतियाँ मानव सभ्यता के समक्ष गंभीर संकट बनकर खड़ी हैं। इन समस्याओं का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है; इसके लिए जनभागीदारी और सामूहिक उत्तरदायित्व आवश्यक है।
1. जल संरक्षण एवं जल सुरक्षा अभियान
जल ही जीवन का आधार है। बढ़ती जनसंख्या, अनियोजित विकास तथा जल स्रोतों के क्षरण के कारण भविष्य में जल संकट गंभीर रूप धारण कर सकता है। इसलिए जल संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया जाएगा।
- वर्षा जल संचयन (Water Harvesting) को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाएगा।
- शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संग्रहण संरचनाओं का विकास किया जाएगा।
- जल के अपव्यय को रोकने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
- नदियों, तालाबों, झीलों एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- कृषि क्षेत्र में जल संरक्षण आधारित सिंचाई प्रणालियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
हमारा संकल्प:
“जब जल बचेगा, तभी जीवन बचेगा।”
2. वन संरक्षण एवं हरित भारत मिशन
वन केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि जीवन, जलवायु संतुलन और जैव विविधता के संरक्षक हैं। यदि वनों का क्षरण जारी रहा, तो सूखा, बाढ़, भूस्खलन, वायु प्रदूषण और जलवायु असंतुलन जैसी समस्याएँ और अधिक गंभीर हो जाएँगी।
- व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाए जाएंगे।
- वन क्षेत्रों के संरक्षण एवं विस्तार पर विशेष बल दिया जाएगा।
- अवैध कटाई एवं प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण किया जाएगा।
- स्थानीय समुदायों एवं ग्राम सभाओं की सहभागिता से वन संरक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
- प्रत्येक नागरिक को अपने जीवनकाल में अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
हमारा संकल्प:
“हरित भारत, सुरक्षित भारत।”
3. स्वच्छ वायु एवं प्रदूषण नियंत्रण
वायु प्रदूषण आज जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। स्वच्छ वायु प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
- औद्योगिक एवं शहरी प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी नीतियाँ लागू की जाएंगी।
- स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
- सार्वजनिक परिवहन एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- कचरा प्रबंधन एवं पुनर्चक्रण (Recycling) प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।
4. सौर ऊर्जा एवं अक्षय ऊर्जा विस्तार अभियान
सूर्य का प्रकाश प्रकृति द्वारा प्रदत्त असीम ऊर्जा का स्रोत है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए अक्षय ऊर्जा का विस्तार समय की आवश्यकता है।
- सार्वजनिक भवनों एवं संस्थानों में सौर ऊर्जा प्रणालियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
- सौर ऊर्जा उपकरणों को आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ एवं किफायती बनाने का प्रयास किया जाएगा।
- सरकारी योजनाओं के माध्यम से अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
हमारा संकल्प:
“स्वच्छ ऊर्जा, स्वावलंबी भारत।”
5. जनभागीदारी आधारित पर्यावरण आंदोलन
पर्यावरण संरक्षण केवल कानूनों से नहीं, बल्कि नागरिक चेतना से संभव है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी आधारित राष्ट्रीय आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।
- विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में पर्यावरण शिक्षा को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- स्थानीय निकायों एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता बढ़ाई जाएगी।
- स्वच्छता, जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण अभियानों में जनसहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
- प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के प्रति उत्तरदायी बनाने हेतु जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
अभियान का मूल संदेश
“प्रकृति का संरक्षण ही मानवता का संरक्षण है।”
“जल, जंगल और जमीन — राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं।”
“स्वच्छ पर्यावरण, स्वस्थ नागरिक और समृद्ध राष्ट्र — यही हमारा संकल्प है।”

