श्रमिकों का उत्थान

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“श्रमिकों का उत्थान – समान श्रम, समान सम्मान, समान वेतन”

मेहनतकश भारत के अधिकारों का संकल्प

एबीएसपी (अखिल भारतीय श्रमिक पार्टी) का मूल उद्देश्य देश के भीतर श्रमिकों के बीच मौजूद कृत्रिम विभाजनों को समाप्त करना है। वर्तमान व्यवस्था में संगठित एवं असंगठित क्षेत्र, सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्र तथा विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के बीच वेतन, सुविधाओं एवं अवसरों में व्यापक असमानता देखने को मिलती है, जबकि अनेक स्थानों पर समान प्रकृति का कार्य करने वाले व्यक्ति अलग-अलग पारिश्रमिक प्राप्त करते हैं।

अखिल भारतीय श्रमिक पार्टी का दृढ़ विश्वास है कि भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार की भावना के अनुरूप “समान कार्य के लिए समान वेतन” का सिद्धांत प्रभावी रूप से लागू होना चाहिए। हमारा संकल्प है कि समान प्रकृति का कार्य करने वाले प्रत्येक श्रमिक को, चाहे वह किसी भी क्षेत्र, संस्था या वर्ग से संबंधित हो, न्यायसंगत एवं सम्मानजनक पारिश्रमिक प्राप्त हो।

हमारी प्राथमिक प्रतिबद्धता

एबीएसपी आपको आश्वस्त करती है कि यदि देश के श्रमिक, किसान, कर्मचारी, युवा एवं आमजन एकजुट होकर अपनी सरकार स्थापित करते हैं, तो “समान कार्य के लिए समान वेतन” संबंधी आवश्यक नीतियों एवं विधायी प्रक्रियाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। चरणबद्ध रूप से आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी प्रक्रिया पूर्ण कर इस व्यवस्था को प्रभावी कानूनी स्वरूप प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि श्रमिकों को उनका न्यायोचित अधिकार प्राप्त हो सके।

कौन होंगे इसके लाभार्थी?

इस नीति का लाभ देश के सभी नागरिकों को बिना किसी जाति, पंथ, धर्म, नस्ल, भाषा, क्षेत्र अथवा सामाजिक वर्ग के भेदभाव के प्राप्त होगा।

विशेष रूप से लाभान्वित होने वाले वर्ग:

  • शिक्षित एवं अशिक्षित युवा
  • तकनीकी एवं गैर-तकनीकी कार्यकर्ता
  • डिग्री एवं डिप्लोमा धारक
  • कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिक
  • हस्तकला एवं पारंपरिक कला में निपुण व्यक्ति
  • स्वरोजगार एवं लघु व्यवसाय से जुड़े श्रमिक
  • निर्माण कार्य एवं औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिक
  • कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिक
  • दिहाड़ी मजदूर एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमजीवी
  • विभिन्न सेवा क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारी

राष्ट्र को होने वाले लाभ

यह व्यवस्था केवल श्रमिकों के हित तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाएगी।

  • श्रमिकों की क्रय शक्ति में वृद्धि होगी।
  • रोजगार के अवसर अधिक संतुलित होंगे।
  • आर्थिक असमानता में कमी आएगी।
  • सामाजिक न्याय और समान अवसर को बढ़ावा मिलेगा।
  • श्रम का सम्मान बढ़ेगा।
  • घरेलू मांग एवं आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
  • देश की उत्पादन क्षमता और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मिशन

अखिल भारतीय श्रमिक पार्टी का मानना है कि केवल रोजगार उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिकों को रोजगार योग्य बनाना भी उतना ही आवश्यक है।

इस उद्देश्य से बिना अनुभव वाले तथा अकुशल युवाओं और श्रमिकों को सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों, कौशल विकास केंद्रों एवं तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित कर कुशल, आत्मनिर्भर एवं अनुभवी बनाया जाएगा। उद्योगों एवं रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान कर युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाया जाएगा।

अभियान का मूल संदेश

“जो श्रम करता है, वही राष्ट्र का निर्माण करता है।”

“समान श्रम का समान मूल्य, यही सामाजिक न्याय का मूल आधार है।”

“श्रम का सम्मान, श्रमिक का अधिकार — यही समृद्ध भारत का मार्ग है।”

– जब देश का युवा जागेगा, तब अन्यायी, अत्याचारी भागेगा ॥

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