चिकित्सा व्यवस्था

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“स्वस्थ जनशक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक पूंजी”

स्वस्थ तन, स्वस्थ मन — समृद्ध भारत की आधारशिला

किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी संपत्ति उसके प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि उसके स्वस्थ, सक्षम और जागरूक नागरिक होते हैं। “स्वस्थ तन, स्वस्थ मन” ही आर्थिक उत्पादकता, सामाजिक प्रगति तथा राष्ट्रीय समृद्धि की वास्तविक कुंजी है। जब नागरिक स्वस्थ होंगे, तभी वे अपनी शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक क्षमता का पूर्ण उपयोग कर राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकेंगे।

अखिल भारतीय श्रमिक पार्टी का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ किसी विशेष वर्ग का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार हैं। इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था को लाभ कमाने का साधन नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम बनाया जाना आवश्यक है।

1. ग्राम से शहर तक निःशुल्क प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा

देश के प्रत्येक वार्ड, ग्राम पंचायत, ब्लॉक एवं नगर क्षेत्र में क्षेत्रीय दवाखानों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जन-औषधि केंद्रों का सुदृढ़ नेटवर्क विकसित किया जाएगा, ताकि श्रमिकों, किसानों, महिलाओं, वृद्धजनों एवं आम नागरिकों को उनके क्षेत्र में ही निःशुल्क एवं समयबद्ध प्राथमिक उपचार उपलब्ध हो सके।

2. मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन

गर्भवती माताओं, नवजात शिशुओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु विशेष अभियान चलाए जाएंगे। सुरक्षित प्रसव, पोषण, टीकाकरण, एनीमिया नियंत्रण तथा नवजात देखभाल को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।

3. जिला स्तर पर आधुनिक सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल

प्रत्येक राज्य/शहर/जिले में चरणबद्ध रूप से आधुनिक सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना एवं विस्तार किया जाएगा, ताकि हृदय रोग, कैंसर, किडनी, न्यूरोलॉजी तथा अन्य गंभीर बीमारियों का उपचार नागरिकों को अपने जिले अथवा निकटतम क्षेत्र में उपलब्ध हो सके।

4. निवारक स्वास्थ्य मॉडल

बीमारी के बाद उपचार से अधिक महत्व बीमारी की रोकथाम को दिया जाएगा। स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, संतुलित पोषण, योग, व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति का अभिन्न अंग बनाया जाएगा।

5. श्रमिक एवं किसान स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, खेतिहर किसानों, निर्माण कर्मियों, घरेलू कामगारों तथा अन्य श्रमजीवी वर्गों के लिए विशेष स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। व्यवसायजनित रोगों, दुर्घटनाओं एवं दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार हेतु विशेष व्यवस्था विकसित की जाएगी।

6. सस्ती एवं पारदर्शी दवा व्यवस्था

आवश्यक जीवनरक्षक एवं सामान्य उपयोग की दवाओं को अधिकतम सुलभ एवं किफायती बनाने के लिए सरकारी दवा केंद्रों का विस्तार किया जाएगा तथा दवा मूल्य निर्धारण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाया जाएगा।

7. मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयाँ

दूरस्थ ग्रामीण, आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने हेतु आधुनिक मोबाइल चिकित्सा इकाइयों का संचालन किया जाएगा, जिससे कोई भी नागरिक केवल दूरी के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे।

8. मानसिक स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति अभियान

बढ़ते तनाव, अवसाद तथा नशे की समस्या को ध्यान में रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्रों और नशामुक्ति कार्यक्रमों को स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग बनाया जाएगा।

9. चरणबद्ध स्वास्थ्य अवसंरचना विकास कार्यक्रम

जनस्वास्थ्य की समस्त आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु स्वास्थ्य अवसंरचना का विकास चरणबद्ध एवं योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर ब्लड बैंक, ट्रॉमा सेंटर तथा आवश्यक आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की स्थापना पर विशेष जोर दिया जाएगा।

साथ ही ऐसा सुदृढ़ आपातकालीन एम्बुलेंस नेटवर्क विकसित करने का लक्ष्य रखा जाएगा, जिससे प्रत्येक नागरिक को लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में त्वरित एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध हो सके तथा दुर्घटना अथवा गंभीर स्वास्थ्य संकट की स्थिति में समयबद्ध चिकित्सीय सहायता सुनिश्चित की जा सके।

10. एक परिवार – एक वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण

प्रत्येक परिवार के सभी सदस्यों का वर्ष में कम से कम एक बार निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा, ताकि गंभीर बीमारियों का प्रारंभिक अवस्था में ही पता लगाया जा सके और उपचार का आर्थिक बोझ कम हो।

11. हर विद्यालय में स्वास्थ्य शिक्षा

विद्यालय स्तर से ही पोषण, स्वच्छता, प्राथमिक चिकित्सा, योग, व्यायाम तथा स्वास्थ्य जागरूकता को शिक्षा व्यवस्था का अनिवार्य अंग बनाया जाएगा।

12. स्वस्थ श्रमिक – सशक्त भारत अभियान

कारखानों, निर्माण स्थलों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, सुरक्षा उपकरण, कार्यस्थल सुरक्षा मानकों तथा स्वास्थ्य संरक्षण संबंधी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।


अभियान का मूल संदेश

“निरोग नागरिक, समृद्ध परिवार; समृद्ध परिवार, सशक्त राष्ट्र।”

“स्वास्थ्य पर किया गया निवेश ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, क्योंकि स्वस्थ जनशक्ति ही समृद्ध भारत का वास्तविक आधार है।”

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