आर्थिक सशक्तिकरण एवं रोजगार संवर्धन
“आर्थिक रूप से सक्षम नागरिक ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं”
अखिल भारतीय श्रमिक पार्टी दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ आर्थिक सक्षमता, सम्मानजनक आजीविका, समान अवसर एवं उन्नति के साधनों को समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिये संकल्पिपित है। हमारा उद्देश्य ऐसी समतामूलक एवं न्यायपूर्ण व्यवस्था का निर्माण करना है, जिसमें विकास, समृद्धि और प्रगति का लाभ बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक नागरिक तक समान रूप से पहुँच सके। यही सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता और सशक्त राष्ट्र निर्माण का आधार है।
अखिल भारतीय श्रमिक पार्टी का मानना है कि देश की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक रोजगार, उचित पारिश्रमिक और उन्नति के समान अवसर प्राप्त हों। आर्थिक असमानता को कम करने तथा श्रमिकों, युवाओं और आम नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक एवं संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता है।
1. संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के मध्य की दूरी समाप्त करना
वर्तमान व्यवस्था में संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों के बीच वेतन, सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा के स्तर पर व्यापक अंतर दिखाई देता है। जबकि अनेक स्थानों पर समान प्रकृति का कार्य करने वाले व्यक्तियों को अलग-अलग पारिश्रमिक प्राप्त होता है।
अखिल भारतीय श्रमिक पार्टी का उद्देश्य ऐसी समतामूलक व्यवस्था स्थापित करना है जिसमें “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। श्रमिक चाहे किसी भी क्षेत्र में कार्यरत हो, उसे उसके श्रम, योग्यता और योगदान के अनुरूप सम्मानजनक पारिश्रमिक प्राप्त होना चाहिए।
2. शिक्षा एवं कौशल को आर्थिक उन्नति का आधार बनाना
शिक्षा किसी भी व्यक्ति और राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। जब तक नागरिक शिक्षित, जागरूक और कुशल नहीं होंगे, तब तक आर्थिक विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुँच सकेगा।
इसलिए शिक्षा को केवल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन, रोजगार और आत्मनिर्भरता का आधार बनाया जाएगा। युवाओं को उनकी रुचि, क्षमता और कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया जाएगा।
हमारा विश्वास है कि बेहतर शिक्षा से बेहतर रोजगार प्राप्त होगा, बेहतर रोजगार से आय में वृद्धि होगी और आय में वृद्धि से नागरिकों का जीवन स्तर ऊँचा होगा।
3. बंद उद्योगों एवं कारखानों का पुनर्जीवन
देश के अनेक उद्योग एवं कारखाने विभिन्न कारणों से बंद पड़े हैं, जिससे लाखों श्रमिकों और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है।
अखिल भारतीय श्रमिक पार्टी सरल, सक्षम, पारदर्शी और न्यायसंगत नियमों एवं प्रक्रियाओं के माध्यम से बंद उद्योगों और कारखानों को पुनः संचालित करने का प्रयास करेगी। श्रमिकों और प्रबंधन के बीच आपसी संवाद, विश्वास और समन्वय स्थापित कर उत्पादन गतिविधियों को पुनर्जीवित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।
बंद उद्योगों के पुनः संचालन से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लाखों परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।
4. अकुशल से कुशल बनाने का राष्ट्रीय संकल्प
अनेक युवा केवल अवसरों और प्रशिक्षण के अभाव में अपनी क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं कर पाते। इसलिए बिना अनुभव वाले तथा अकुशल व्यक्तियों को प्रशिक्षण संस्थानों एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण व्यवस्थाओं के माध्यम से कुशल एवं अनुभवी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उद्देश्य यह होगा कि प्रत्येक इच्छुक व्यक्ति अपनी योग्यता और परिश्रम के बल पर सम्मानजनक रोजगार प्राप्त करने में सक्षम बन सके।
अभियान का मूल संदेश
“समान अवसर, समान सम्मान और समान वेतन — यही आर्थिक न्याय का आधार है।”
“शिक्षित, कुशल और आत्मनिर्भर नागरिक ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं।”
“रोजगार, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा — प्रत्येक श्रमिक का अधिकार है।”

